फिर हुआ है शहर में विस्फोट
इसलिये
आओ एकता की अपील के लिये
कुछ नये शब्द चुनें
जिनसे नयापन लगे
तभी लोगों को समझा पायेंगे।
एक जैसे शब्द लिखते हुए
बीत गये बहुत सारे वर्ष
इसलिये उनका प्रभाव नहीं दिखता
हम होंगे कामयाब तभी
जब नयापन लायेंगे।
हादसे रोकना हमारे बस में नहीं है
पर एकता की अपीलों में
हम अपना पूरा दम दिखायेंगे।
--------
कवि, लेखक और संपादक-दीपक भारतदीप,Gwalior
http://dpkraj.blogspot.com
यह आलेख/हिंदी शायरी मूल रूप से इस ब्लाग ‘दीपक भारतदीप की शब्दज्ञान-पत्रिका’पर लिखी गयी है। इसके अन्य कहीं प्रकाशन के लिये अनुमति नहीं है।
अन्य ब्लाग
1.दीपक भारतदीप की हिंदी पत्रिका
2.दीपक भारतदीप का चिंतन
3.अनंत शब्दयोग
आनंद उठाने का सबसे अच्छी तरीका यह है कि आप एकांत में जाकर ध्यान
लगायें-चिंत्तन (Anand Uthane ka tareeka-Chinttan)
-
रोकड़ संकट बढ़ाओ ताकि मुद्रा का सम्मान भी बढ़ सके।
---
हम वृंदावन में अनेक संत देखते हैं जो भल...
6 years ago
No comments:
Post a Comment