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Sunday, June 29, 2008

प्यार है वह अहसास जो बस किया जाता है-हिंदी शायरी

यूं तुम अपने लिये
कुछ भी मांग लिया करो
सिवाय प्यार के
क्योंकि यह मांगने की नहीं
अहसास कराने की शय है
अगर होती किसी के लिये दिल में जगह कही
आंखों से जाहिर हो जाता है


जिनके दर्द से आंखों में आंसू आयें नहीं
जिनकी खुशी पर होंठ मुस्कराये नहीं
लफ्जों में चाहे कितनी भी जतायें

झूठी हमदर्दी का बयां जगजाहिर हो जाता है
किसी के दिल में लिखा कौन पढ़ पाया
लफ्जों के मतलब गहरे हैं या उथले
सुरों की धारा से पता चल जाता
चाहे जितनी भी कोशिश कर लो
जब तक दिल में है
प्यार को सलामत समझ लो
जो जुबां से निकला तो कभी कभी
वहां से भी बाहर हो जाता है
फिर लौटकर नहीं आता
अहसास भी बदन से निकल कर
बाहर बदहाल हो जाता है
प्यार है वह अहसास जो बस किया जाता है
........................................
दीपक भारतदीप

1 comment:

advocate rashmi saurana said...

जिनके दर्द से आंखों में आंसू आयें नहीं
जिनकी खुशी पर होंठ मुस्कराये नहीं
लफ्जों में चाहे कितनी भी जतायें
झूठी हमदर्दी का बयां जगजाहिर हो जाता है
bhut sundar.

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