चेला पहुंचा गुरु के पास और बोला
‘गुरु जी इस बार भी क्या
दीपावली पर अपने आश्रम पर
मेला लग पायेगा
मंदी बहुत है और हमारे अनेक भक्त परेशान है
लोग तो बहुत आयेंगे
पर कोई मालदार आसामी कहां आयेगा
होली पर तो आमंत्रण पत्र भेजकर
आपके दर्शन करने पर
स्वर्ग की प्राप्ति होने का किया था दावा
अब क्या किया जायेगा‘
सुनकर बोले गुरुजी
‘पिछले कार्ड में ही होली शब्द की जगह
दीपावली का आमंत्रण पत्र छपवा लो
भेज दो अलग से एक दक्षिण की सूची
जिसमें मांगो पिटे हुए शेयरों का चढ़ावा
उनके करने पर
स्वर्ग में भी विशिष्ट कक्ष मिलने का कर दिखावा
पहले पता करना कि
हमारे भक्तों में कौन तंग हैं
किसके साथ मंदी का संग है
फिर उनके ही शेयरोें की मांग करना
या फिर हमारे हवाले से
अखबारों में कर देना उनके उनके
शेयरों के भाव बढ़ने की भविष्यवाणी
जिससे बढ़ जाये उनके दाम की कहानी
खुश होकर बाजार के पिटे हुए मोहरे भी आयेंगे
भले ही हो मंदी वह चढ़ावा लायेंगे
बाद में जो बाजार का होगा सो होगा
दीपावली पर अपना आश्रम रेटिंग में
तो ऊंचा स्थान पायेगा
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6 years ago
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